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बुधन बोलता है

मिट्टी की कोख से निकलता है, और फिर बुधन बोलता है। मुझे सुनोगे तो दहल जाओगे मैं जमीं जंगल में हु, हर घर में हो रहे दंगल में हु, सोलह बरस की बलात्कारी बच्ची में हु, मैं उसकी केस को … Continue reading

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