Monthly Archives: June 2016

इतना नादाँ भी नहीं

इतना नादाँ भी नहीं की समझ ना सकु पर अपनों से ठोकर खाना गवारा नहीं मुझे। कभी हमारी छोटी सी ख़ुशी पर कितना इठलाते थे वो आज असीम दुःख की सुध भी नहीं उन्हें। विश्वास पे तो दुनिया कायम है … Continue reading

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